PPF, EPF, NPS Inheritance Rules: निधन के बाद लॉक-इन निवेश कैसे निकलते हैं और परिवार को क्या जानना जरूरी है

On: December 14, 2025 12:44 PM
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PPF: ज़िंदगी की भागदौड़ में हम निवेश तो कर लेते हैं, लेकिन यह सोचकर कम ही रुकते हैं कि हमारे बाद उन पैसों का क्या होगा। PPF, EPF और NPS जैसे निवेश भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन जब परिवार पर अचानक कोई मुश्किल समय आता है, तब यही लॉक-इन निवेश सबसे बड़ा सवाल बन जाते हैं।

बैंक अकाउंट की तरह इन्हें तुरंत निकाल पाना आसान नहीं होता और परिवार अक्सर नियमों में उलझ जाता है। सच यह है कि कानून परिवार को इन निवेशों की राशि निकालने का पूरा अधिकार देता है, लेकिन यह प्रक्रिया कितनी आसान होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नॉमिनेशन सही तरीके से किया गया था या नहीं और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।

इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि PPF, EPF और NPS के इनहेरिटेंस नियम क्या कहते हैं और परिवार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लॉक-इन निवेश और सामान्य अकाउंट में फर्क क्यों है

बैंक सेविंग अकाउंट या एफडी में पैसा निकालना अपेक्षाकृत आसान होता है, लेकिन PPF, EPF और NPS जैसे निवेश एक तय अवधि के लिए लॉक होते हैं। इनका मकसद रिटायरमेंट और लॉन्ग-टर्म सुरक्षा होता है। इसलिए इनमें अचानक निकासी की अनुमति नहीं दी जाती। हालांकि अकाउंट होल्डर के निधन की स्थिति में नियम थोड़े अलग हो जाते हैं और परिवार को राहत मिलती है।

PPF अकाउंट में मृत्यु के बाद क्या होता है

PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड आमतौर पर 15 साल के लॉक-इन के साथ आता है। अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस को पूरी राशि निकालने का अधिकार होता है। अच्छी बात यह है कि इस स्थिति में लॉक-इन अवधि आड़े नहीं आती।

अगर अकाउंट में नॉमिनी दर्ज है, तो प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है। बैंक या पोस्ट ऑफिस में डेथ सर्टिफिकेट और जरूरी फॉर्म जमा करने होते हैं। अगर नॉमिनेशन नहीं है, तो कानूनी वारिस को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं, जिससे प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो जाती है।

EPF में परिवार को कैसे मिलता है पैसा

EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि भी परिवार की सुरक्षा के लिए बनाया गया निवेश है। कर्मचारी के निधन के बाद EPF बैलेंस, पेंशन और बीमा राशि परिवार को मिलती है। अगर नॉमिनी पहले से दर्ज है, तो क्लेम काफी जल्दी सेटल हो सकता है।

EPF में सबसे बड़ी राहत यह है कि इसमें लॉक-इन की बाध्यता परिवार पर लागू नहीं होती। सही दस्तावेजों के साथ परिवार पूरा फंड निकाल सकता है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF नॉमिनेशन बहुत जरूरी माना जाता है।

NPS में इनहेरिटेंस नियम थोड़े अलग क्यों हैं

NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम रिटायरमेंट पर केंद्रित स्कीम है, इसलिए इसके नियम थोड़े अलग हैं। अकाउंट होल्डर के निधन पर नॉमिनी को पूरा कॉर्पस निकालने का विकल्प मिलता है। कुछ मामलों में आंशिक एन्यूटी का विकल्प भी होता है, लेकिन अधिकतर स्थितियों में परिवार को एकमुश्त राशि दी जाती है।

अगर नॉमिनेशन सही तरीके से अपडेट नहीं किया गया है, तो NPS में क्लेम प्रक्रिया जटिल हो सकती है। इसलिए इसमें भी नॉमिनी का अपडेट रहना बेहद जरूरी है।

नॉमिनेशन क्यों है सबसे अहम

इन तीनों निवेशों में एक बात समान है और वह है नॉमिनेशन। सही नॉमिनेशन होने पर परिवार को न सिर्फ मानसिक राहत मिलती है बल्कि कानूनी झंझट भी कम होता है। कई बार परिवार सिर्फ इसलिए परेशान होता है क्योंकि नॉमिनी अपडेट नहीं किया गया होता।

परिवार को किन दस्तावेजों की जरूरत होती है

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आमतौर पर डेथ सर्टिफिकेट, पहचान पत्र, बैंक डिटेल्स और क्लेम फॉर्म की जरूरत होती है। नॉमिनेशन न होने पर कानूनी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। जितनी साफ कागजी तैयारी होगी, उतनी जल्दी पैसा मिलेगा।

Overview Column

निवेश स्कीममृत्यु के बाद निकासीनॉमिनेशन का असरप्रक्रिया
PPFपूरी राशि निकाली जा सकती हैप्रक्रिया आसानबैंक या पोस्ट ऑफिस
EPFफुल क्लेम संभवतेजी से सेटलमेंटEPFO पोर्टल
NPSकॉर्पस निकासी का विकल्पक्लेम सरल बनता हैCRA के जरिए

FAQs

1. क्या लॉक-इन निवेश मृत्यु के बाद तुरंत निकल सकते हैं
हां, सही दस्तावेज और नॉमिनेशन होने पर निकासी संभव है।

2. अगर नॉमिनी न हो तो क्या पैसा फंस जाता है
नहीं, लेकिन प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है।

3. क्या तीनों स्कीम में नियम एक जैसे हैं
नहीं, हर स्कीम के अपने नियम और प्रक्रिया होती है।

4. क्या ऑनलाइन क्लेम संभव है
EPF और कुछ मामलों में NPS में ऑनलाइन क्लेम की सुविधा मिलती है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी क्लेम या निकासी से पहले संबंधित बैंक, EPFO या NPS की आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।

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Shivang Mishra

शिवांग मिश्रा TazaBeat में एक टेक राइटर हैं, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़ी नई खबरों, स्मार्टफोन्स, गैजेट्स और डिजिटल ट्रेंड्स पर गहराई से लिखते हैं। उनका लेखन सरल, समझने योग्य और दिलचस्प होता है, जिससे पाठक जटिल टेक अपडेट्स को भी आसानी से समझ पाते हैं। तकनीकी खबरों के अलावा शिवांग को यह जानना पसंद है कि किस तरह तकनीक हमारे रोज़मर्रा के जीवन को बदल रही है और आसान बना रही है।

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