Income Tax Refund Delay: अगर आपने भी इस साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है और अब तक रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो मन में बेचैनी होना बिल्कुल स्वाभाविक है। हर टैक्सपेयर चाहता है कि उसका रिफंड समय पर आ जाए, क्योंकि यह उसकी ही मेहनत की कमाई होती है।
अच्छी खबर यह है कि अगर इनकम टैक्स रिफंड में देरी होती है, तो आपको सिर्फ रिफंड ही नहीं बल्कि उस पर ब्याज भी मिलता है। यानी इंतजार का नुकसान नहीं, बल्कि थोड़ा फायदा ही होता है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग सीजन खत्म हुए अब दो महीने से ज्यादा हो चुके हैं। ज्यादातर टैक्सपेयर्स को उनका रिफंड मिल चुका है, क्योंकि आमतौर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट चार से पांच हफ्तों के भीतर रिफंड जारी कर देता है। फिर भी कुछ मामलों में रिफंड अटका रह जाता है। ऐसे में सबसे जरूरी बात यह समझना है कि देरी होने पर भी कानून टैक्सपेयर के साथ खड़ा होता है।
Income Tax Refund में देरी क्यों होती है

रिफंड में देरी के कई कारण हो सकते हैं। कई बार रिटर्न में दी गई जानकारी और डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड में अंतर होता है। कहीं बैंक डिटेल्स सही नहीं होतीं, तो कहीं KYC या PAN आधार लिंकिंग से जुड़ी समस्या सामने आ जाती है। कुछ मामलों में रिटर्न स्क्रूटिनी के लिए चुन लिया जाता है, जिससे प्रोसेस थोड़ा लंबा हो जाता है। इन सभी स्थितियों में टैक्सपेयर को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देरी का मतलब यह नहीं कि रिफंड नहीं मिलेगा।
रिफंड पर ब्याज का नियम क्या कहता है
इनकम टैक्स कानून के अनुसार, अगर टैक्सपेयर को रिफंड मिलना है और उसमें देरी होती है, तो डिपार्टमेंट उस राशि पर ब्याज देता है। यह ब्याज 6 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से मिलता है। खास बात यह है कि ब्याज की गणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और उस तारीख तक चलेगी, जिस दिन रिफंड वास्तव में जारी किया जाएगा। यानी जितनी देर, उतना ब्याज।
यह नियम टैक्सपेयर के हित में बनाया गया है ताकि डिपार्टमेंट पर समय पर रिफंड जारी करने का दबाव बना रहे और टैक्सपेयर का पैसा बेवजह न रुका रहे।
ज्यादातर लोगों को रिफंड पहले ही क्यों मिल गया
आमतौर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न प्रोसेस करने में ज्यादा समय नहीं लेता। ज्यादातर मामलों में चार से पांच हफ्तों के भीतर रिफंड जारी हो जाता है। यही वजह है कि अब तक अधिकतर टैक्सपेयर्स को उनका पैसा वापस मिल चुका है। जिन लोगों का रिफंड अभी पेंडिंग है, उनके केस में अक्सर कोई न कोई तकनीकी या डॉक्यूमेंट से जुड़ा कारण होता है।
रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें
अगर आपका रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर रिफंड स्टेटस चेक करना चाहिए। वहां आपको यह जानकारी मिल जाएगी कि रिफंड प्रोसेस में है, होल्ड पर है या किसी एक्शन की जरूरत है। कई बार सिर्फ एक छोटी सी गलती सुधारने से रिफंड जल्दी मिल जाता है।
धैर्य रखना क्यों जरूरी है

इनकम टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह सिस्टम और नियमों के अनुसार चलती है। ऐसे में थोड़ा धैर्य रखना सबसे समझदारी भरा कदम होता है। बार बार घबराकर शिकायत दर्ज करने से बेहतर है कि पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि आपकी ओर से सभी जानकारियां सही दी गई हैं। याद रखें, देरी होने पर भी आपका पैसा सुरक्षित है और उस पर ब्याज भी जुड़ रहा है।
Overview: Income Tax Refund Delay और ब्याज नियम
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| सामान्य रिफंड समय | 4 से 5 हफ्ते |
| देरी पर ब्याज | 6% प्रति वर्ष |
| ब्याज शुरू होने की तारीख | 1 अप्रैल 2026 |
| ब्याज की अवधि | रिफंड जारी होने तक |
| टैक्सपेयर का अधिकार | रिफंड के साथ ब्याज |
यह ओवरव्यू साफ दिखाता है कि रिफंड में देरी टैक्सपेयर के लिए पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है।
FAQs
1. क्या रिफंड में देरी होना आम बात है
हां, कुछ मामलों में तकनीकी या वेरिफिकेशन कारणों से देरी हो सकती है।
2. रिफंड पर ब्याज कब से मिलता है
ब्याज 1 अप्रैल 2026 से लेकर रिफंड जारी होने की तारीख तक मिलता है।
3. ब्याज की दर कितनी होती है
इनकम टैक्स रिफंड पर 6 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है।
4. अगर रिफंड बहुत ज्यादा देर से आए तो क्या करें
सबसे पहले पोर्टल पर स्टेटस चेक करें और जरूरत हो तो ग्रिवांस दर्ज करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। टैक्स नियमों में समय समय पर बदलाव हो सकते हैं, इसलिए किसी भी अंतिम निर्णय से पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिफिकेशन जरूर देखें। किसी भी वित्तीय निर्णय की जिम्मेदारी पाठक की स्वयं की होगी।
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