Belated ITR: अगर आपने इस साल इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय कोई छोटी या बड़ी गलती कर दी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत से टैक्सपेयर्स के साथ ऐसा होता है कि रिटर्न फाइल करने के बाद उन्हें लगता है कि कहीं इनकम कम दिखा दी, कोई डिडक्शन छूट गया या बैंक डिटेल गलत चली गई।
अच्छी बात यह है कि इनकम टैक्स कानून आपको अपनी गलती सुधारने का मौका देता है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए revised या belated ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है। यह तारीख उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो अब अपनी रिटर्न को सही करना चाहते हैं।
इस साल ITR फाइल करने की ड्यू डेट 16 सितंबर थी, जिसे दो बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद कई लोग समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए या फाइल करते समय कुछ चूक हो गई। ऐसे में revised और belated ITR का विकल्प बेहद काम का साबित होता है। लेकिन इसके अपने नियम और सीमाएं भी हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।
Revised ITR क्या होती है और कब फाइल की जा सकती है
Revised ITR उस स्थिति में फाइल की जाती है जब आपने समय पर रिटर्न तो फाइल कर दी हो, लेकिन बाद में किसी गलती का एहसास हुआ हो। यह गलती इनकम से जुड़ी हो सकती है, टैक्स कैलकुलेशन की हो सकती है या फिर किसी छूट या डिडक्शन को भूल जाने की हो सकती है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(5) के तहत टैक्सपेयर को अपनी ओर से की गई गलती सुधारने का पूरा अधिकार मिलता है। FY 2024-25 के लिए ऐसी revised return आप 31 दिसंबर 2025 तक फाइल कर सकते हैं।

हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि revised return तभी फाइल की जा सकती है जब आपने पहले ओरिजिनल ITR फाइल की हो। अगर अभी तक आपने कोई भी रिटर्न नहीं भरी है, तो revised नहीं बल्कि belated return का विकल्प होगा।
Belated ITR क्या होती है और किसके लिए है
Belated ITR उन टैक्सपेयर्स के लिए होती है जो तय समय सीमा तक ITR फाइल नहीं कर पाए। अगर आपने 16 सितंबर तक रिटर्न नहीं भरी, तो भी कानून आपको एक और मौका देता है।
आप 31 दिसंबर 2025 तक belated ITR फाइल कर सकते हैं। हालांकि belated return फाइल करने पर कुछ मामलों में लेट फीस या ब्याज लग सकता है, लेकिन रिटर्न बिल्कुल न भरने की तुलना में यह बेहतर विकल्प है। Belated ITR फाइल करके आप अपनी टैक्स देनदारी को क्लियर कर सकते हैं और भविष्य में नोटिस या पेनल्टी से बच सकते हैं।
किन मामलों में revised ITR फाइल नहीं की जा सकती
यह जानना भी जरूरी है कि revised ITR हर स्थिति में फाइल नहीं की जा सकती। अगर आपके खिलाफ assessing officer ने धारा 142(1) के तहत जांच नोटिस जारी कर दिया है, तो उसके बाद आप revised return फाइल नहीं कर सकते। यानी जांच शुरू होने के बाद गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। इसलिए जैसे ही आपको अपनी रिटर्न में कोई कमी महसूस हो, देर किए बिना revised ITR फाइल करना समझदारी होती है।
क्यों जरूरी है 31 दिसंबर से पहले एक्शन लेना
31 दिसंबर 2025 सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह आखिरी मौका है। इसके बाद न तो revised और न ही belated ITR फाइल की जा सकेगी। अगर आपने गलती सुधारने का यह मौका छोड़ दिया, तो आगे चलकर टैक्स डिमांड, ब्याज, पेनल्टी या कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सही समय पर रिटर्न को अपडेट करना आपको मानसिक शांति भी देता है और टैक्स रिकॉर्ड भी साफ रखता है।
सही ITR फाइलिंग क्यों है जरूरी

सही और समय पर ITR फाइल करना सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आपकी फाइनेंशियल सेहत का हिस्सा भी है। बैंक लोन, वीजा, क्रेडिट कार्ड या किसी सरकारी स्कीम में ITR एक अहम दस्तावेज बन चुका है। एक छोटी सी गलती आपके इन सभी कामों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए revised या belated ITR के जरिए अपनी स्थिति को सही करना भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होता है।
Revised और Belated ITR का ओवरव्यू
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| ओरिजिनल ITR की ड्यू डेट | 16 सितंबर 2025 |
| Revised ITR की धारा | सेक्शन 139(5) |
| Belated ITR की आखिरी तारीख | 31 दिसंबर 2025 |
| Revised ITR कब फाइल करें | गलती सुधारने के लिए |
| Belated ITR किसके लिए | जिन्होंने समय पर ITR नहीं भरी |
| सीमा | AO नोटिस के बाद revised ITR नहीं |
FAQs
1. क्या revised ITR एक से ज्यादा बार फाइल की जा सकती है
हां, जब तक डेडलाइन खत्म नहीं होती, आप जरूरत पड़ने पर revised ITR एक से ज्यादा बार फाइल कर सकते हैं।
2. Belated ITR पर पेनल्टी लगती है क्या
कुछ मामलों में लेट फीस और ब्याज लग सकता है, लेकिन यह स्थिति पर निर्भर करता है।
3. अगर गलती छोटी हो तो भी revised ITR जरूरी है
हां, छोटी गलती भी भविष्य में परेशानी बन सकती है, इसलिए उसे सुधारना बेहतर होता है।
4. 31 दिसंबर के बाद क्या कोई विकल्प बचता है
नहीं, इस तारीख के बाद revised या belated ITR फाइल करने का विकल्प खत्म हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इनकम टैक्स नियम समय-समय पर बदल सकते हैं और हर टैक्सपेयर की स्थिति अलग होती है। किसी भी टैक्स से जुड़े फैसले से पहले इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट या किसी योग्य टैक्स सलाहकार से सलाह जरूर लें।
Also Read:
New Income Tax Act 2025: FY28 से पहले आएंगे नए ITR फॉर्म, टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदलेगा
















