ITR Deadline 2025: देर से रिटर्न फाइल करने का तरीका और जुर्माने से बचाव

On: December 19, 2025 12:10 PM
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ITR Deadline

ITR Deadline: जब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन निकल जाती है, तो कई लोग घबराते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपने 16 सितंबर 2025 तक अपना ITR फाइल नहीं किया, तो भी आप 31 दिसंबर 2025 तक अपना बेलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। यह आपके लिए एक आखिरी मौका है ताकि आप जुर्माने और पेनल्टी से बच सकें।

बेलेटेड रिटर्न क्या है

बेलेटेड रिटर्न वह होता है जो मूल डेडलाइन के बाद फाइल किया जाता है। अगर आपने 16 सितंबर तक रिटर्न फाइल नहीं किया, तो यह बेलेटेड रिटर्न माना जाएगा। ध्यान रखें कि सेक्शन 139(1) के तहत ही इसे बाद में संशोधित किया जा सकता है। सेक्शन 142(1) के तहत नोटिस पर फाइल किए गए रिटर्न को बाद में संशोधित नहीं किया जा सकता।

बेलेटेड रिटर्न फाइल करने से जुड़ी कुछ चीज़ों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, लेट फीस और इंटरेस्ट लागू होंगे। सेक्शन 234F के तहत लेट फीस और सेक्शन 234A के तहत ब्याज लग सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि आप देर से फाइल करते हैं तो आपको अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है।

रिवाइज्ड रिटर्न कैसे फाइल करें

अगर आपने ITR में कोई जानकारी छोड़ दी है या गलती कर दी है, तो आप रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए इसे ठीक कर सकते हैं। चाहे गलती जानबूझकर हुई हो या अनजाने में, रिवाइज्ड रिटर्न से सुधार किया जा सकता है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख संबंधित असेसमेंट ईयर के अंत से तीन महीने पहले या असेसमेंट पूरा होने से पहले होती है।

रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का मतलब है कि आप पहले दाखिल किए गए रिटर्न को सुधार सकते हैं। यह सुविधा आपको टैक्स रिटर्न में सुधार करने और सही आंकड़े जमा करने का मौका देती है।

देर से ITR फाइल करने के नुकसान

बेलेटेड रिटर्न फाइल करने के कुछ नुकसान भी हैं। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लेट फीस और ब्याज देना पड़ेगा। इसके अलावा, आप कुछ टैक्स बेनिफिट्स से भी वंचित रह सकते हैं। इसलिए हमेशा समय पर ITR फाइल करना बेहतर है।

लेकिन यदि डेडलाइन छूट गई है, तो 31 दिसंबर तक फाइल करना बेहतर है, क्योंकि इसके बाद रिटर्न फाइल करना मुश्किल हो जाता है और जुर्माने की राशि बढ़ सकती है।

ITR फाइल करने की सलाह

सही और समय पर ITR फाइल करना हमेशा फायदेमंद होता है। यदि आपने अभी तक फाइल नहीं किया, तो बेलेटेड रिटर्न जरूर फाइल करें। साथ ही, अगर कोई गलती है तो रिवाइज्ड रिटर्न का उपयोग करें। इससे आपका टैक्स रिकॉर्ड साफ रहेगा और भविष्य में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

ITR 2025 Overview

फीचरजानकारी
बेलेटेड रिटर्न की आखिरी तारीख31 दिसंबर 2025
मूल डेडलाइन16 सितंबर 2025
सेक्शन139(1)
लेट फीससेक्शन 234F के तहत
ब्याजसेक्शन 234A के तहत
रिवाइज्ड रिटर्न की आखिरी तारीखअसेसमेंट ईयर के अंत से 3 महीने पहले या असेसमेंट पूरा होने से पहले

FAQs

1. बेलेटेड रिटर्न क्या होता है?
बेलेटेड रिटर्न वह रिटर्न होता है जो मूल डेडलाइन के बाद फाइल किया जाता है।

2. लेट फीस और ब्याज कितना लगेगा?
लेट फीस सेक्शन 234F और ब्याज सेक्शन 234A के तहत लागू होता है, जो रिटर्न की देरी के अनुसार बदलता है।

3. रिवाइज्ड रिटर्न कब तक फाइल कर सकते हैं?
रिवाइज्ड रिटर्न असेसमेंट ईयर के अंत से तीन महीने पहले या असेसमेंट पूरा होने से पहले फाइल किया जा सकता है।

4. क्या देर से फाइल करने से कोई टैक्स बेनिफिट खो जाएगा?
हां, कुछ टैक्स बेनिफिट्स देर से फाइल करने पर मिलना बंद हो सकते हैं।

5. अगर गलती हो गई तो क्या किया जा सकता है?
आप रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करके गलती को सुधार सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और रिव्यू उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी समय, वेरिएंट और नियमों के अनुसार बदल सकती है। किसी भी प्रकार का टैक्स या खरीद निर्णय लेने से पहले आधिकारिक Income Tax वेबसाइट या कर सलाहकार से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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Shivang Mishra

शिवांग मिश्रा TazaBeat में एक टेक राइटर हैं, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़ी नई खबरों, स्मार्टफोन्स, गैजेट्स और डिजिटल ट्रेंड्स पर गहराई से लिखते हैं। उनका लेखन सरल, समझने योग्य और दिलचस्प होता है, जिससे पाठक जटिल टेक अपडेट्स को भी आसानी से समझ पाते हैं। तकनीकी खबरों के अलावा शिवांग को यह जानना पसंद है कि किस तरह तकनीक हमारे रोज़मर्रा के जीवन को बदल रही है और आसान बना रही है।

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