Laado Protsahin Yojana 2025: अब निजी स्कूलों की बेटियां भी पाएंगी 1.50 लाख की आर्थिक मदद

On: November 13, 2025 4:58 PM
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Laado Protsahin Yojana

Laado Protsahin Yojana 2025: राजस्थान सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने हजारों बालिकाओं और उनके माता-पिता के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। अब तक केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मिलने वाले ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के लाभ का दायरा बढ़ा दिया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि अब मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाली बेटियां भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।

यह कदम न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की दिशा में है, बल्कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

हर बेटी को मिलेगा समान अवसर

Laado Protsahin Yojana
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राजस्थान सरकार की यह पहल उस सोच को आगे बढ़ाती है जिसमें हर बालिका, चाहे वह किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग से आती हो, शिक्षा का अधिकार समान रूप से प्राप्त करे। योजना के तहत, राज्य की पात्र बालिकाओं को 21 वर्ष की आयु तक कुल 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सात किस्तों में दी जाएगी।

पहले यह योजना केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए थी, लेकिन अब निजी स्कूलों की बेटियां भी इसमें शामिल की गई हैं। यह बदलाव लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखने में संघर्ष कर रहे थे।

किस्तों में मिलेगा आर्थिक सहयोग

सरकार की इस योजना के अनुसार, बालिका के जन्म से लेकर उसकी स्नातक शिक्षा तक सात चरणों में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जन्म के बाद एक वर्ष की उम्र और टीकाकरण पर 2,500 रुपये, पहली कक्षा में प्रवेश पर 2,500 रुपये, छठी कक्षा में 4,000 रुपये, 10वीं में 5,000 रुपये, 12वीं में 25,000 रुपये और स्नातक पास कर 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1,00,000 रुपये की अंतिम किस्त दी जाएगी।

इस प्रकार, बालिका के जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर यह योजना उसकी शिक्षा में सहारा बनेगी।

लाभ पाने के लिए जरूरी शर्तें

इस योजना का लाभ वही छात्राएं ले सकेंगी जिनका जन्म राजस्थान सरकार या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल में हुआ हो, वे राजस्थान की मूल निवासी हों, और सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत हों। साथ ही, बालिका के सभी अनिवार्य टीकाकरण समय पर पूरे होने चाहिए।

योजना का उद्देश्य ‘हर लाडो पढ़े, हर लाडो बढ़े

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‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक पहल है जो हर परिवार को यह संदेश देती है कि बेटियां भी वही अधिकार रखती हैं जो बेटों को मिले हैं।

राजस्थान सरकार का यह निर्णय सामाजिक संतुलन, नारी सशक्तिकरण और समान शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

FAQ: लाडो प्रोत्साहन योजना से जुड़े सामान्य प्रश्न

प्र.1: लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ किसे मिलेगा?
उत्तर: राजस्थान की मूल निवासी बालिकाएं, जो सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में नियमित अध्ययनरत हैं, इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

प्र.2: कुल कितनी राशि दी जाएगी?
उत्तर: पात्र बालिकाओं को कुल 1.50 लाख रुपये सात किस्तों में प्रदान किए जाएंगे।

प्र.3: योजना में अंतिम किस्त कब मिलती है?
उत्तर: जब बालिका स्नातक उत्तीर्ण कर 21 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, तब अंतिम किस्त के रूप में 1,00,000 रुपये दिए जाते हैं।

प्र.4: क्या निजी स्कूल की छात्राएं भी अब पात्र हैं?
उत्तर: हां, अब सरकार ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी इस योजना में शामिल कर लिया है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी वित्तीय निर्णय या आवेदन से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

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