Mahatari Vandan Yojana: जांजगीर–चंपा में इन दिनों महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाएं काफी चिंता में हैं। महीनों से मिल रही एक हजार रुपए की सहायता राशि इस बार कई महिलाओं के खाते में नहीं आई। वजह बताई जा रही है ई-KYC, जिसे करवाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन असल चुनौती यह है कि महिलाएं च्वाइस सेंटर तक तो पहुंच रही हैं, पर पिछले दो दिनों से सर्वर ही जवाब दे रहा है। कई महिलाएं घंटों लाइन में लगती हैं और फिर मायूस होकर लौट जाती हैं।
Mahatari Vandan Yojana: तारीख निकल गई और चिंता बढ़ गई

सरकार ने ई-KYC के लिए 15 नवंबर आखिरी तारीख तय की थी। लेकिन उसी दौरान सर्वर डाउन होने से कई महिलाएं अपना KYC पूरा ही नहीं कर पाईं। ऐसे में अब उनके मन में सवाल है कि क्या वे योजना से बाहर हो जाएंगी या सरकार तारीख आगे बढ़ाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों से जिन महिलाओं को ई-KYC कराना जरूरी था, उनकी सूची भेजी गई है और कार्यकर्ता फोन करके उन्हें जानकारी भी दे रही हैं। महिलाएं आधार और रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर सेंटर तो पहुंच रही हैं, लेकिन लगातार सर्वर समस्या के कारण KYC पूरा नहीं हो रहा।
Mahatari Vandan Yojana: 22 महीने से मिल रही सहायता ने दिया था सहारा
लगातार 22 महीनों से महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपए की आर्थिक मदद मिल रही है। इस सहायता ने कई परिवारों की जरूरतें पूरी करने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन अब ई-KYC की नई प्रक्रिया और सर्वर की दिक्कतें महिलाओं की परेशानी बढ़ा रही हैं। वे चाहती हैं कि सरकार स्थिति को देखते हुए अंतिम तारीख को आगे बढ़ाए, ताकि किसी भी हितग्राही को योजना से वंचित न होना पड़े।

F&Q: आपके महत्वपूर्ण सवालों के जवाब
Q1. क्या ई-KYC न होने पर लाभ बंद हो जाएगा?
यदि सरकार तारीख आगे बढ़ाती है या वैकल्पिक व्यवस्था देती है, तो लाभ जारी रह सकता है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
Q2. किन महिलाओं को ई-KYC करना जरूरी है?
आंगनबाड़ी केंद्रों से जिनके नाम सूची में भेजे गए हैं, उन्हीं को यह प्रक्रिया पूरी करनी है।
Q3. सर्वर डाउन होने पर क्या करें?
कुछ दिन बाद दोबारा प्रयास करें या अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से अपडेट लेते रहें।
Q4. योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की सहायता दी जाती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों और प्रशासनिक अपडेट पर आधारित है। किसी भी अंतिम निर्णय या कार्रवाई के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक पोर्टल से सत्यापन अवश्य करें।
















