Deendayal Antyodaya Yojana: ग्रामीण भारत में महिलाओं की स्थिति सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की शुरुआत की है। यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों को संगठित कर स्वरोजगार और स्थायी आमदनी के अवसर प्रदान करने का प्रयास करती है। जून 2011 में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य है कि हर गरीब ग्रामीण परिवार की कम से कम एक महिला सदस्य आर्थिक रूप से सक्षम बने और अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर जीवन जी सके।
Deendayal Antyodaya Yojana: योजना की विशेषताएँ और कार्यप्रणाली

DAY-NRLM का आधार सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) मॉडल पर है। योजना के तहत गांव की 10–15 महिलाएं मिलकर एक समूह बनाती हैं और नियमित रूप से बचत करती हैं। इन बचतों से समूह के भीतर जरूरतमंद महिलाओं को ब्याज पर लोन दिया जाता है। बाद में इन समूहों को बैंक से जोड़ा जाता है ताकि वे कम ब्याज दर पर बड़े लोन प्राप्त कर सकें।
सरकार इन समूहों को स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग भी प्रदान करती है, जिससे महिलाएं डेयरी, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, या छोटे व्यवसाय चला सकें। इसके अलावा, समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराए जाते हैं। इस योजना का फंडिंग मॉडल केंद्र और राज्य सरकार मिलकर संचालित करती हैं, जिसमें केंद्र का हिस्सा 75% और राज्य का 25% होता है।
Deendayal Antyodaya Yojana: कौन उठा सकता है लाभ
इस योजना का लाभ ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को दिया जाता है। BPL परिवारों, SC/ST और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। जिन परिवारों की स्थायी आय नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सक्षम बनें, बल्कि अपने समुदाय में नई दिशा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
Deendayal Antyodaya Yojana: योजना का लाभ कैसे उठाएँ
ग्रामीण महिलाएं अपने गांव में बने SHG से जुड़ सकती हैं या नया समूह बना सकती हैं। इसके अलावा, वे अपने जिले के रूरल डेवलपमेंट ऑफिस या ब्लॉक मिशन मैनेजमेंट यूनिट (BMMU) में जाकर आवेदन कर सकती हैं। चयनित समूहों को सरकार की ओर से ट्रेनिंग और बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अधिक जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल aajeevika.gov.in पर भी जा सकती है।
Deendayal Antyodaya Yojana: अब तक का असर

DAY-NRLM के तहत अब तक 8 करोड़ से अधिक महिलाओं को 75 लाख से ज्यादा SHGs से जोड़ा जा चुका है। इन समूहों ने ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता बनाने और सामाजिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह योजना साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से महिलाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर आधारित है। योजना की शर्तें और लाभ समय-समय पर बदल सकते हैं।
