निराशाजनक लिस्टिंग डे: 2025 में IPO निवेशकों के लिए सबक और कड़वी सच्चाई

On: December 26, 2025 3:03 PM
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IPO: जब भी कोई नया IPO आता है, बाजार में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। छोटे निवेशक खास तौर पर इस उम्मीद में आवेदन करते हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर प्रीमियम पर खुलेगा और तुरंत मुनाफा मिलेगा।

लेकिन 2025 का साल IPO निवेशकों के लिए कई बार उम्मीदों के उलट साबित हुआ। कई चर्चित कंपनियां, जिनसे मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, लिस्टिंग के पहले ही दिन निराश कर गईं। यह सच्चाई निवेशकों को याद दिलाती है कि IPO में पैसा लगाना जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है।

क्यों फेल हुए इतने IPO

IPO की सफलता केवल ब्रांड नाम या प्रचार पर निर्भर नहीं करती। इश्यू प्राइसिंग सबसे अहम भूमिका निभाती है। जब कोई कंपनी अपने फंडामेंटल से ज्यादा कीमत पर शेयर बेचती है, तो लिस्टिंग के बाद निवेशकों में बेचने की होड़ लग जाती है। 2025 में कई IPO इसी वजह से पहले ही दिन लाल निशान में चले गए।

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इसके अलावा, बाजार की समग्र स्थिति भी बड़ा कारण रही। इस साल इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। ग्लोबल अनिश्चितता, ब्याज दरों का दबाव और कमजोर निवेश धारणा ने नए शेयरों के लिए माहौल कठिन बना दिया। ऐसे में Glottis और BMW Ventures जैसे नाम भी निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।

निवेशकों के लिए सीख

IPO में निवेश करते समय केवल लिस्टिंग गेन की सोच रखना खतरनाक हो सकता है। 2025 के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि हर IPO मुनाफा नहीं देता। कई बार मजबूत कहानी के बावजूद कंपनी का शेयर बाजार में टिक नहीं पाता। इसलिए निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल स्थिति और वैल्यूएशन को समझना जरूरी है।

लॉन्ग टर्म निवेशक के लिए IPO तब फायदेमंद हो सकता है, जब कंपनी की बुनियाद मजबूत हो और ग्रोथ की संभावनाएं साफ दिखें। सिर्फ पहले दिन के मुनाफे के लिए निवेश करना अक्सर निराशा ही देता है।

क्या आगे भी ऐसा ही रहेगा

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बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि IPO का प्रदर्शन आगे भी बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर सेकेंडरी मार्केट मजबूत होता है और कंपनियां सही वैल्यूएशन पर इश्यू लाती हैं, तो निवेशकों का भरोसा लौट सकता है। लेकिन अगर ओवरवैल्यूड इश्यू आते रहे, तो लिस्टिंग डे की निराशा बनी रह सकती है।

Overview

पहलूस्थिति (2025)
कुल लिस्ट हुए IPO107
डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे IPO35
5% या उससे कम बढ़त वाले IPO18
निवेशकों को कमजोर रिटर्न देने वाले IPOलगभग 50% से अधिक
मुख्य कारणऊंचा वैल्यूएशन
बाजार की स्थितिकमजोर सेकेंडरी मार्केट सेंटिमेंट
लिस्टिंग पर दबाव की वजहनकारात्मक निवेश माहौल

FAQs

1. प्रश्न: IPO में निवेश करना कितना जोखिम भरा है?
IPO में जोखिम इक्विटी निवेश जितना ही होता है, कभी-कभी उससे भी ज्यादा, क्योंकि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड सीमित होता है।

2. प्रश्न: 2025 में कितने IPO नुकसान में हैं?
अब तक 35 IPO डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं और 18 IPO ने 5 प्रतिशत या उससे कम की बढ़त दिखाई है।

3. प्रश्न: IPO चुनते समय सबसे जरूरी बात क्या है?
कंपनी का वैल्यूएशन, फंडामेंटल और बाजार की स्थिति सबसे अहम होती है।

4. प्रश्न: क्या हर IPO में लिस्टिंग गेन मिलता है?
नहीं, 2025 के आंकड़े बताते हैं कि कई IPO पहले ही दिन नुकसान में चले गए।

5. प्रश्न: क्या लॉन्ग टर्म के लिए IPO बेहतर हो सकता है?
अगर कंपनी मजबूत है और ग्रोथ की संभावना है, तो लॉन्ग टर्म में IPO फायदेमंद हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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Shivang Mishra

शिवांग मिश्रा TazaBeat में एक टेक राइटर हैं, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़ी नई खबरों, स्मार्टफोन्स, गैजेट्स और डिजिटल ट्रेंड्स पर गहराई से लिखते हैं। उनका लेखन सरल, समझने योग्य और दिलचस्प होता है, जिससे पाठक जटिल टेक अपडेट्स को भी आसानी से समझ पाते हैं। तकनीकी खबरों के अलावा शिवांग को यह जानना पसंद है कि किस तरह तकनीक हमारे रोज़मर्रा के जीवन को बदल रही है और आसान बना रही है।

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