PM Vishwakarma Yojana: जामताड़ा के शिल्पकारों के लिए नए अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा

On: October 9, 2025 1:49 PM
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PM Vishwakarma Yojana: जामताड़ा के शिल्पकारों के लिए नए अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा

PM Vishwakarma Yojana: झारखंड के जामताड़ा जिले के करमाटांड़ में बुधवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकला से जुड़े शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करना था।

PM Vishwakarma Yojana: कार्यशाला में शामिल प्रमुख वक्ता और उनके विचार

PM Vishwakarma Yojana: जामताड़ा के शिल्पकारों के लिए नए अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें जामताड़ा के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) बालादित्य कुमार, एमएसएमई विकास कार्यालय धनबाद के सहायक निदेशक सुजीत कुमार, आरडीएसडीई रांची के सहायक निदेशक बैद्यनाथ हेब्रम, डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ शशि भूषण कुमार और ईओडीबी मैनेजर जामताड़ा के प्रहलाद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप जलाया।

सुझीत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक शिल्पकला को प्रोत्साहित करना है, साथ ही महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना अब तीसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें उन लाभार्थियों को भी जोड़ा जा रहा है, जो अब तक बैंक से लाभ नहीं प्राप्त कर पाए हैं।

PM Vishwakarma Yojana: योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं

एलडीएम बालादित्य कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत शिल्पकारों को पहले चरण में एक लाख रुपये तक और दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का ऋण मात्र पांच प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, टूलकिट, डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहन राशि और मार्केटिंग सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

PM Vishwakarma Yojana: डिजिटल मार्केटिंग की अहमियत

PM Vishwakarma Yojana: जामताड़ा के शिल्पकारों के लिए नए अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा

डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ शशि भूषण कुमार ने शिल्पकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को प्रमोट करने, ई-कॉमर्स साइटों पर बिक्री बढ़ाने और ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुँचने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग की भूमिका बेहद अहम है।

इस कार्यशाला के माध्यम से शिल्पकारों को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई राह दिखाने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़कर वे न केवल अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित कर सकते हैं, बल्कि अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख Live Hindustan द्वारा प्रकाशित समाचार के आधार पर तैयार किया गया है। सभी जानकारी संबंधित स्रोत से ली गई है और किसी भी प्रकार की व्याख्या या संपादन के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं है।

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