आजकल बहुत से लोगों में एक साथ Pre Diabities और Fatty Liver जैसी बीमारियां देखी जा रही हैं। सुनने में ये दो अलग-अलग समस्याएं लगती हैं, लेकिन असल में दोनों की जड़ एक ही होती है इंसुलिन रेसिस्टेंस। इसका मतलब है कि शरीर तो इंसुलिन बना रहा है, लेकिन कोशिकाएं उस पर सही तरह से प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहीं। नतीजा यह होता है कि ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता जाता है और अतिरिक्त वसा लिवर में जमा होने लगती है।
Pre Diabities और फैटी लिवर क्या हैं?

Pre Diabities वह अवस्था होती है जब व्यक्ति का शुगर स्तर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचा होता। वहीं फैटी लिवर या MASLD (Metabolic Dysfunction Associated Steatotic Liver Disease) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर में अधिक मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है।
दिल्ली के सीके बिड़ला अस्पताल की इंटरनल मेडिसिन निदेशक डॉ. मनीषा अरोड़ा बताती हैं कि दोनों बीमारियों के कारण और जोखिम लगभग समान होते हैं अधिक वजन (खासतौर पर पेट के आस-पास की चर्बी), हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, जंक फूड, शुगर और खराब वसा से भरपूर आहार। ये सभी कारण एक ऐसे चक्र को जन्म देते हैं जिसमें एक बीमारी दूसरी को और बढ़ा देती है।
Pre Diabities: सही जीवनशैली से मिल सकता है आराम

अच्छी बात यह है कि सिर्फ जीवनशैली में बदलाव करके इन दोनों स्थितियों को काफी हद तक सुधारा जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, वजन में 5-10 प्रतिशत की कमी भी लिवर फैट को घटाने और इंसुलिन रेसिस्टेंस को कम करने में बहुत मददगार होती है।
खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा जैसे नट्स, बीज और ऑलिव ऑयल शामिल करें। वहीं शुगर, सफेद आटा, मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है। नियमित व्यायाम और सीमित मात्रा में शराब का सेवन भी बेहद जरूरी है।
डॉ. अरोड़ा कहती हैं, “अगर व्यक्ति अपनी जीवनशैली पर ध्यान दे और अनुशासन बनाए रखे, तो फैटी लिवर को रिवर्स करना और प्री-डायबिटीज से डायबिटीज की ओर बढ़ने का खतरा कम करना पूरी तरह संभव है।”
F&Q
प्रश्न: क्या प्री-डायबिटीज और फैटी लिवर को ठीक किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से दोनों स्थितियों में सुधार संभव है।
प्रश्न: क्या दवाओं से इंसुलिन रेसिस्टेंस कम हो सकता है?
उत्तर: कुछ मामलों में डॉक्टर दवाओं की सलाह देते हैं, लेकिन सबसे प्रभावी तरीका स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही है।
प्रश्न: क्या फैटी लिवर खतरनाक होता है?
उत्तर: अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर लिवर रोगों या डायबिटीज में बदल सकता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
