Rajuta Divekar के रहस्यमयी 3 नियम: क्या आपकी सेहत की असली कुंजी इन्हीं में छिपी है

On: November 18, 2025 3:24 PM
Follow Us:
Rajuta Divekar

Rajuta Divekar: सेहत की चाह हर किसी को होती है, लेकिन अक्सर लोग सख्त डाइट, भारी-भरकम वर्कआउट और मुश्किल रूटीन अपनाकर खुद को थका देते हैं। ऐसे समय में जब सबकुछ तेज और जटिल लगता है, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट Rajuta Divekar ने अपनी फिटनेस प्रोजेक्ट 2025 सीरीज में ऐसी तीन सरल आदतों का ज़िक्र किया है, जो बिना किसी बोझ के धीरे-धीरे आपकी सेहत को बेहतर बना सकती हैं। उनका संदेश साफ है कि शरीर को बदलने के लिए बड़े कदमों की नहीं, बल्कि छोटे और टिकाऊ बदलावों की जरूरत है।

रूट वेजिटेबल्स का कमाल: पाचन से हार्मोन तक सबकुछ बेहतर

Rajuta Divekar
Rajuta Divekar

Rajuta Divekar बताती हैं कि हफ्ते में कम से कम तीन बार रूट वेजिटेबल्स को खाने में शामिल करना शरीर के लिए वरदान साबित हो सकता है। अरबी, सूरन, रताळू जैसे पारंपरिक कंद-मूल सब्जियां कभी भारतीय रसोई का हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन ब्रोकली और एवोकाडो के शोर में कहीं खो सी गईं। वे कहती हैं कि सर्दियों में ये सब्जियां शरीर को एंटीऑक्सीडेंट देती हैं, स्किन की हेल्थ को सपोर्ट करती हैं और इम्यूनिटी भी मजबूत करती हैं।

पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जगदीश हिरेमठ के मुताबिक रूट वेजिटेबल्स में मौजूद रेसिस्टेंट स्टार्च प्राकृतिक प्रीबायोटिक की तरह काम करता है, जो अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और आंतों को संतुलित रखता है। यही संतुलन हार्मोन्स को भी नियंत्रित करता है, खासकर महिलाओं के लिए जो पेरिमेनोपॉज़, अनियमित पीरियड्स या मेनोपॉज़ से गुजर रही हों।

हल्की शाम की सैर: नींद, पाचन और ब्लड शुगर का सरल समाधान

Rajuta Divekar की दूसरी सलाह ऐसी है जिसे सुनकर कोई भी मुस्कुरा देगा, क्योंकि यह मुश्किल नहीं बल्कि बेहद सुखद लगती है। वह कहती हैं कि रात के खाने के बाद एक हल्की, धीमी और मन को सुकून देने वाली सैर (शतपावली) शरीर के लिए चमत्कार कर सकती है। यह कोई तेज चलना नहीं है, बल्कि इतना हल्का कि आप अपना पसंदीदा गाना गुनगुना सकें।

Rajuta Divekar
Rajuta Divekar

डॉ. हिरेमठ बताते हैं कि यह धीमी चाल वाला वॉक पाचन को सक्रिय करता है, गैस और ब्लोटिंग से बचाता है और शरीर में शुगर लेवल को बेहतर बनाए रखता है। तेज चलने की तुलना में हल्की चाल वाला वॉक पाचन अंगों में रक्त प्रवाह को सही ढंग से पहुंचाता है, जिससे नींद भी गहरी आती है और शरीर को आराम मिलता है।

F&Q : अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: क्या रूट वेजिटेबल्स रोज खाए जा सकते हैं?
उत्तर: हां, लेकिन रुजुता दिवेकर हफ्ते में कम से कम तीन बार शामिल करने की सलाह देती हैं ताकि शरीर को जरूरी फायदे मिल सकें।

प्रश्न: शतपावली कितनी देर की होनी चाहिए?
उत्तर: यह 10 से 15 मिनट का हल्का वॉक होता है, जिसे खाने के बाद आराम से किया जा सकता है।

प्रश्न: क्या इससे फैट लॉस में सच में मदद मिलती है?
उत्तर: हां, बेहतर पाचन और हार्मोन बैलेंसिंग का सीधा असर शरीर की फैट-बर्निंग क्षमता पर पड़ता है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी डाइट या लाइफस्टाइल बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now