Har Ghar Jal Yojana: लखनऊ के मलिहाबाद विकासखंड के भतोइया गांव में ‘Har Ghar Jal Yojana’ के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन के कारण ग्रामीणों की जिंदगी अब मुश्किलों में बदल गई है। सड़क को खोदकर पाइपलाइन डाली जा रही थी, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं की गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Har Ghar Jal Yojana: सड़क की हालत और ग्रामीणों की परेशानियाँ

स्थानीय ग्रामीणों राहुल, सत्यम और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क में बने गहरे गड्ढे और उखड़ी गिट्टी-मिट्टी के कारण कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। राघवेंद्र सिंह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वह स्वयं एक गड्ढे में गिर गए थे, जिससे उनके हाथ में चोट आई। जैसे-तैसे ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर कुछ हद तक गड्ढों को बंद किया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ठेकेदारों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
Har Ghar Jal Yojana: प्रशासन से ग्रामीणों की मांग

गांव के लोग चाहते हैं कि सड़क की मरम्मत तुरंत कराई जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। उनका सवाल है कि जब विकास कार्यों के नाम पर सुविधाएं मिलने के बजाय परेशानियां बढ़ रही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा। ग्रामीण यह भी कहते हैं कि विकास कार्यों में लापरवाही और देरी सीधे जनता की सुरक्षा और सुविधा को प्रभावित करती है।
भतोइया गांव की यह समस्या यह स्पष्ट करती है कि योजनाओं को समय पर पूरा करना और उनके प्रभाव का ध्यान रखना कितना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध जानकारी और ग्रामीणों के अनुभवों के आधार पर लिखा गया है। सड़क मरम्मत और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति समय के अनुसार बदल सकती है।
