कुशीनगर के गाँवों में जैसे ही Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के नए गैस कनेक्शन के लिए आवेदन शुरू हुए, वहाँ की महिलाएं खुशी से झूम उठीं उनके चेहरे पर राहत की झलक थी। घर-घर रसोई गैस की सुविधा से जुड़े होने का ख्याल अब उनके लिए हकीकत बनने लगा है।
Ujjwal Yojana: स्वच्छ रसोई का सपना सच हो रहा है

कुशीनगर जिले में अब तक 1,831 महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है और 1,138 का सत्यापन भी पूरा हो गया है। विभाग ने आशा-कार्यकर्ताओं और बीएलओ टीमों को गाँव-गाँव जाकर इस योजना की जानकारी देने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी पात्र महिला इससे बाहर न रह जाए। इस पहल से हजारों परिवारों की रसोई में अब धुएँ की बजाय स्वच्छ हवा होगी, जिससे महिलाएँ अपने घर के चूल्हे के साथ समय अधिक सुरक्षित और आरामदायक महसूस करेंगी।
Ujjwal Yojana: राहत और सम्मान का एहसास
एक ग्रामीण महिला ने बताया कि अब सिलेंडर और रसोई गैस मिलना उनके लिए बहुत बड़ा बदलाव होगा। धुएँ वाले चूल्हे और लकड़ी जलाने की थकान से मुक्ति मिलना उनके स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है। यह योजना सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान का प्रतीक भी बन रही है—जहाँ महिलाएँ अब सशक्त होकर, अपने घर की रसोई को सुरक्षित तरीके से चला सकेंगी।
Ujjwal Yojana: आगे की तस्वीर
#क्या_आप_जानते_हैं?
— VD Sharma (@vdsharmabjp) November 5, 2025
मोदी सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने 10 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति और स्वास्थ्य-सुरक्षा की गारंटी दी।#UjjwalaYojana pic.twitter.com/5B6A4uaT7V
जिले में कुल 3,13,567 महिलाओं को इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। जैसे ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी होगी, इन परिवारों के घरों में गैस कनेक्शन लगने शुरू होंगे। यह कदम न सिर्फ उनके जीवन में सहजता लाएगा, बल्कि देश में स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की दिशा में भी एक मजबूत मिसाल बनेगा।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और आधिकारिक रिपोर्ट्स पर आधारित है। योजना की पात्रता, राशि और प्रक्रिया में समय-बह समय बदलाव संभव हैं।
















