Income Tax Refunds में देरी क्यों हो रही है जानिए इस साल की पूरी सच्चाई

On: December 15, 2025 11:20 PM
Follow Us:
Income Tax Refunds

Income Tax Refunds: अगर आपने समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है और फिर भी पोर्टल पर “Refund Pending” देखकर मन बेचैन हो रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं। इस साल देशभर में लाखों टैक्सपेयर्स इसी सवाल से जूझ रहे हैं कि आखिर इनकम टैक्स रिफंड आने में इतना वक्त क्यों लग रहा है।

रिटर्न फाइल करने के बाद हर किसी को उम्मीद होती है कि कुछ ही हफ्तों में पैसा अकाउंट में आ जाएगा, लेकिन 2025 में यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा लंबी हो गई है।

सितंबर 16, 2025 की एक्सटेंडेड डेडलाइन के तीन महीने बाद भी बड़ी संख्या में लोगों का रिफंड अटका हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब तक रिकॉर्ड 7.57 करोड़ रिटर्न प्रोसेस किए हैं और 2.42 लाख करोड़ रुपये के रिफंड भी जारी किए जा चुके हैं।

इसके बावजूद करीब 1.5 से 2 करोड़ केस ऐसे हैं, जिनमें रिफंड अब भी पेंडिंग है। इनमें कई ऐसे टैक्सपेयर्स शामिल हैं जिनका रिफंड 10 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक है।

इस साल रिफंड में देरी की असली वजह क्या है

इस बार Income Tax Refunds में देरी की सबसे बड़ी वजह है डेटा का मिसमैच। जब आप रिटर्न में जो TDS क्लेम करते हैं, वह अगर Form 26AS या AIS में दिख रहे आंकड़ों से मेल नहीं खाता, तो सिस्टम तुरंत उसे फ्लैग कर देता है। जैसे ही यह फ्लैग लगता है, आपका रिफंड ऑटोमैटिक प्रोसेस से हटकर मैनुअल या अतिरिक्त वेरिफिकेशन में चला जाता है, जिससे समय बढ़ जाता है।

कई मामलों में सैलरी का TDS नियोक्ता द्वारा समय पर अपडेट नहीं किया गया होता। कहीं सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज AIS में सही से नहीं दिखता। कुछ टैक्सपेयर्स के कैपिटल गेन के आंकड़े उनके ब्रोकर द्वारा रिपोर्ट की गई जानकारी से मैच नहीं करते। ये छोटी-छोटी बातें सिस्टम के लिए बड़ी बन जाती हैं और रिफंड अटक जाता है।

बढ़ती ऑटोमेशन और सख्त जांच भी वजह

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब पहले से कहीं ज्यादा टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन पर निर्भर हो गया है। इसका फायदा यह है कि फर्जी क्लेम और गलत रिटर्न जल्दी पकड़ में आ जाते हैं, लेकिन इसका असर ईमानदार टैक्सपेयर्स पर भी पड़ रहा है। सिस्टम जैसे ही किसी तरह का संदेह देखता है, वह रिफंड को होल्ड कर देता है।

इस साल AIS और Form 26AS को ज्यादा अहमियत दी जा रही है। अगर आपने रिटर्न फाइल करते समय AIS को ठीक से चेक नहीं किया, तो गलती की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि अब रिफंड मिलने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है।

कितने लोगों का रिफंड अटका हुआ है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय करीब 1.5 से 2 करोड़ ऐसे केस हैं जिनमें रिफंड पेंडिंग है। इनमें से कई पूरी तरह सही और वैध रिफंड हैं। विभाग का कहना है कि वह धीरे-धीरे सभी मामलों को क्लियर कर रहा है, लेकिन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया लंबी होने की वजह से देरी हो रही है।

रिफंड जल्दी पाने के लिए क्या ध्यान रखें

अगर आपका Income Tax Refunds अटका हुआ है, तो सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें। AIS और Form 26AS को ध्यान से मिलाएं और देखें कि कहीं कोई इनकम या TDS मिसिंग तो नहीं है। अगर कोई गलती दिखे, तो रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

इसके अलावा, अगर विभाग की ओर से कोई नोटिस या ई-वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट आई हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर जवाब देने से आपका रिफंड जल्दी प्रोसेस हो सकता है।

Overview: Income Tax Refund Delay 2025

विवरणजानकारी
ITR डेडलाइन16 सितंबर 2025
प्रोसेस्ड रिटर्न7.57 करोड़
जारी रिफंड₹2.42 लाख करोड़
पेंडिंग केस1.5–2 करोड़
आम रिफंड राशि₹10,000 से ₹5 लाख
मुख्य वजहTDS और AIS डेटा मिसमैच

FAQs

1. इस साल इनकम टैक्स रिफंड में ज्यादा देरी क्यों हो रही है
इस साल AIS और Form 26AS के साथ सख्त डेटा मिलान किया जा रहा है। किसी भी तरह का मिसमैच रिफंड को रोक देता है।

2. क्या सभी टैक्सपेयर्स का रिफंड लेट है
नहीं, जिन रिटर्न्स में कोई डेटा मिसमैच नहीं है, उनका रिफंड सामान्य समय में आ गया है।

3. रिफंड पेंडिंग होने पर क्या करना चाहिए
पोर्टल पर स्टेटस चेक करें, AIS और 26AS मिलाएं और जरूरत पड़े तो रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करें।

4. क्या रिफंड न मिलने पर ब्याज मिलेगा
हां, नियमों के अनुसार देरी होने पर टैक्सपेयर्स को ब्याज मिलने का प्रावधान है।

5. रिफंड आने में और कितना समय लग सकता है
यह केस पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में कुछ हफ्ते लग सकते हैं, जबकि जटिल मामलों में ज्यादा समय भी लग सकता है।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। इनकम टैक्स रिफंड की स्थिति, नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है। किसी भी अंतिम निर्णय से पहले आधिकारिक इनकम टैक्स पोर्टल या टैक्स एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Also Read:

नए ITR फॉर्म 2025: टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा बदलाव, रिटर्न फाइल करना होगा और भी आसान

Shivang Mishra

शिवांग मिश्रा TazaBeat में एक टेक राइटर हैं, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़ी नई खबरों, स्मार्टफोन्स, गैजेट्स और डिजिटल ट्रेंड्स पर गहराई से लिखते हैं। उनका लेखन सरल, समझने योग्य और दिलचस्प होता है, जिससे पाठक जटिल टेक अपडेट्स को भी आसानी से समझ पाते हैं। तकनीकी खबरों के अलावा शिवांग को यह जानना पसंद है कि किस तरह तकनीक हमारे रोज़मर्रा के जीवन को बदल रही है और आसान बना रही है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now